जवान बहन चुदाई स्टोरी मेरी गर्लफ्रेंड की है जो उसने मुझे खुद बताई कि कैसे उसके चचेरे भाई ने उसकी चूत की सील खुली छत पर रात के अँधेरे में बिना किसी प्लानिंग के खोल दी.
मेरी गर्लफ्रेंड का नाम फ़हीमा है और वह अपने चचेरे भाई से चुद गई।
पहले मैं फ़हीमा के बारे में बता देता हूँ।
फ़हीमा की उम्र 19 साल है, उसके बूब्स उम्र के हिसाब से काफी बड़े हैं।
वह सेक्सी लड़की है, उसके बूब्स की साइज 36 है।
उसने अपना फिगर मेंटेन करके रख रखा है।
जो उसे देख ले, बस उसके मन में एक ही ख्याल आए— इसे चोदना है!
फ़हीमा की चूत का कलर अभी तक सफेद है, वह एकदम गोरी लड़की है।
बूब्स भी सफेद हैं और उसकी निप्पल पिंक कलर की हैं।
तो अब मैं जवान बहन चुदाई स्टोरी पर आता हूँ।
एक समय फ़हीमा उसके रिश्तेदार के यहाँ किसी प्रोग्राम में गई हुई थी।
प्रोग्राम हुआ, रात को संगीत का प्रोग्राम था।
सब बैठे हुए थे और प्रोग्राम का मज़ा ले रहे थे।
लेकिन फ़हीमा के चचेरे भाई अरमान के दिमाग में अलग ही प्रोग्राम की कहानी रची हुई थी।
फ़हीमा का चचेरा भाई इसको ही देखे जा रहा था।
तभी फ़हीमा की इसके चचेरे भाई अरमान से आँख मिली।
फ़हीमा ने भी मस्ती-मस्ती में इशारे दिए।
करीब आधे घंटे बाद अरमान ने इशारा किया कि छत पर चलें।
फ़हीमा ने भी हाँ कर दी।
उसके मन में था कि ऐसे ही यहाँ बोर हो रहे हैं, छत पर घूमेंगे और बातें करेंगे।
लेकिन इसको पता नहीं था कि उसके चचेरे भाई के मन में क्या चल रहा था।
तो पहले वह छत पर गया, फिर मौका देख यह भी चली गई।
फिर दोनों छत पर गए, फिर उसके चचेरे भाई अरमान ने छत का दरवाजा लॉक कर दिया।
फ़हीमा बोली, “लॉक क्यों किया?”
वह बोला, “यार, गलती से कोई आ गया तो अच्छा नहीं लगता!”
तो वह बोली, “तो क्या हुआ? अपन ही तो हैं, घूम रहे हैं, इसमें क्या गलत बात है!”
तो उसने बोला, “ठीक है।”
फिर अरमान ने फ्लर्ट करना शुरू किया, “यार तू इतनी अच्छी है, तूने अपना फिगर कितना अच्छा मेंटेन करके रखा है! काश मेरी कोई गर्लफ्रेंड होती ऐसी!” और भी बहुत कुछ।
यह खुद की तारीफ सुन कर पिघल गई।
फिर अरमान ने इसे पकड़ के खींचा और गले लगाया।
वह चिल्लाई, “ये क्या कर रहे हो! पागल हो गए हो क्या!”
फ़हीमा ने छूटने की कोशिश की लेकिन भाई ने टाइट गले लगा रखा था।
इसके बूब्स उसके टच हो रहे थे और उसको मस्त फीलिंग आ रही थी।
उसका लण्ड कड़क हो गया था जो फ़हीमा के पेट पर टच हो रहा था।
फिर फ़हीमा को इतना रोमांस चढ़ा कि वह अपने होश खो बैठी।
उसने ऊपर-ऊपर के कपड़े खोल दिए।
फ़हीमा सिर्फ ब्रा में थी। उसने इसके बूब्स देखे और मुँह से निकला, “यार, क्या माल है!”
फिर उसने इसके बूब्स दबाने शुरू कर दिए।
फ़हीमा ने उसके लण्ड के हाथ लगाया, वह कड़क हो चुका था।
फ़हीमा ने उसके लण्ड पर हाथ फेरा और वह फ़हीमा के बूब्स दबाता गया।
भाई ने बहन की ब्रा खोल दी और फ़हीमा के बूब्स खुल गए।
फिर फ़हीमा ने उसके कपड़े उतार दिए और खुद भी नंगी हो गई।
अब दोनों छत पर नंगे थे।
फ़हीमा ने उसके लण्ड पर थूक लगाया और उसके लण्ड पर अच्छे से मालिश की।
साइड में एक चटाई पड़ी थी, उन्होंने वह बिछाई और उसका चचेरा भाई अरमान लेट गया।
फ़हीमा ने एक बार उसके लण्ड को आइसक्रीम की तरह चाटा।
फिर उसने फ़हीमा को लेटाया और वह उसके ऊपर चढ़ गया।
वह उसके बूब्स और शरीर को चूमने लगा।
फिर उसने अपना लण्ड फ़हीमा की चूत पर रखा और अंदर डालने की कोशिश की।
फ़हीमा चिल्लाई और उसका लण्ड हटाया।
फिर उसने चूत और लण्ड पर थूक लगा के वापस अंदर डालने की कोशिश की।
फ़हीमा के आँसू आ चुके थे और वह दर्द से तड़प रही थी।
अरमान भाई ने मौका देख एक झटका दिया जिससे फ़हीमा की चूत की सील टूट गई और वह रोने लगी।
उसने 5-6 बार लण्ड को अंदर-बाहर किया और फिर बाहर निकाल लिया, फिर फ़हीमा को चुप किया और खून साफ किया।
फिर उसने फ़हीमा को वैसे ही लेटाया और लण्ड को चूत पर रखा और अंदर डालने लगा।
धीरे-धीरे लण्ड अंदर जाता रहा, फ़हीमा के आँसू आते रहे और वह चिलकारी निकालती रही, “अह्ह… अह्ह्ह्ह… प्लीज थोड़ा धीरे… अह्ह्ह… अह!”
लगभग 2 मिनट बाद फ़हीमा को मज़ा आने लगा।
फिर भाई ने अपना लण्ड बाहर निकाला और दीवार से टिका कर नीचे झुकाया और ‘घोड़ी’ बनाया और फिर से करने लगा।
फिर 2 मिनट बाद वापस लेट गए, फिर से शुरू किया।
जैसे ही उसका माल निकलने वाला था, उसने फ़हीमा के पेट पर निकाल दिया सारा माल, जिस वजह से फ़हीमा के बूब्स और पेट भर गए।
फिर उसने फ़हीमा के फिंगरिंग करके उसका भी माल निकाला।
फिर दोनों बेसुध होकर वहीं लेट गए।
करीब 5 मिनट बाद उठे, छत पर ही बाथरूम था, दोनों ने अपनी सफाई की।
फिर उसने बाथरूम में ही फ़हीमा की चूत चाटना शुरू कर दी।
फ़हीमा ने उसे हटाया, बाहर आई, कपड़े पहने और नीचे देखने लगी कि क्या प्रोग्राम चल रहा है।
जितने में उसका चचेरा भाई भी कपड़े पहन के आया और फ़हीमा को पीछे से पकड़ के गले लगाया और बूब्स दबाए।
फिर फ़हीमा नीचे गई और अपनी जगह जाकर बैठ गई।
मामला सही था, किसी को कुछ पता नहीं चला।
फिर सुबह 5 बजे करीब प्रोग्राम खत्म हुआ।
सबने चाय-नाश्ता किया।
पास में ही होटल थी, वहाँ सब मेहमानों के रुकने का इंतज़ाम किया हुआ था।
करीब 30-35 कमरों की होटल थी तो मेहमान सब वहाँ चले गए।
उसका चचेरा भाई अरमान भी ऊपर ही ऊपर वाले रूम में चला गया।
वह रूम एकदम कोने में था और करीब 5 मंजिल की होटल थी।
मेहमान 3 फ्लोर पर आ गए थे।
4 फ्लोर पर 3 फैमिली थीं जो उन्हें अच्छे से नहीं जानती थीं।
फ़हीमा की फैमिली उनके घर पर ही थी।
दिन का खाना करीब 11:30 पर स्टार्ट होना था।
तो फ़हीमा को अरमान ने मैसेज करके होटल में ही बुला लिया।
वह उसकी मम्मी से बोलकर आ गई, “मैं मेरी फ्रेंड के रूम में जा रही हूँ, हम वहीं बैठेंगे।”
मौका देख वह उसके रूम में चली गई।
फ़हीमा बोली, “अभी भी तेरा मन नहीं भरा यार? अपन भाई-बहन होकर ऐसी हरकत कर रहे हैं!”
वह बोला, “चलता है, छोड़ यार!”
फिर गेट लॉक किया, ए.सी. ऑन करी, टीवी चलाई और दोनों बेड पर बैठ गए।
रोमांटिक फिल्म चला दी।
दोनों एक ही कंबल ओढ़ के बैठे हुए थे और बात कर रहे थे कि रात में सेक्स का मज़ा आया … ये वो!
फिर फ़हीमा ने कम्बल के अंदर से ही धीरे से उसके लण्ड को टच किया जो कड़क ही था।
अरमान ने भी उसके बूब्स पर हाथ रखा और दबाए।
फ़हीमा बोली, “एक बार और कर लेते हैं यार, फिर क्या पता कब मिलें अपन दोनों!”
जल्दी से नंगे हो गए और कम्बल में आ गए और गले लग कर किस कर रहे थे।
फिर कुछ देर बाद कम्बल से बाहर निकले।
रूम में बादाम तेल रखा था।
अब उसने फ़हीमा को लेटाया और बादाम तेल से उसके बूब्स पर मालिश की।
फिर उसकी चूत पर… जैसे ही वह तेल की बूँद उसकी चूत पर गिराता, फ़हीमा आँखें चढ़ा लेती और सिसकियाँ भरती, “अह्ह… अह… अह्ह्ह!”
फिर फ़हीमा ने उसे लेटने को बोला और फ़हीमा ने तेल से उसके लण्ड की मालिश की।
फिर फ़हीमा उसके ऊपर बैठी और चुदाई शुरू हुई।
जवान बहन चुदाई का मज़ा लेने लगी, “अह्ह्… आय … अह्ह्ह्ह!”
कभी बोलती, “आराम से करो… अह्ह्हह!”
तो कभी बोलती, “और जोर से… और जोर से… अह्ह्ह्ह… आउच! यह्हह्ह!”
फिर अरमान ने फ़हीमा को डॉगी बनाया और चुदाई की।
फिर जब उसका निकलने वाला था, तो वह उठ के बाथरूम में भागा और वहाँ सारा माल गिरा के आया।
फिर फ़हीमा के फिंगरिंग की।
जैसे ही फ़हीमा का पानी निकला, फ़हीमा बेसुध होकर सो गई।
फिर अरमान ने फ़हीमा के वीडियो बनाए और फोटो खींचे।
यह सब फ़हीमा को पता नहीं था।